Tuesday, September 15, 2020

पाइथन और डाटा साइंस

आज की दुनिया में सबसे तेज बदलने वाला क्षेत्र कंप्यूटर का है. पिछले कई सालों में कंप्यूटर क्षेत्र में हमने कई बदलाव देखे हैं. जो भी बदलाव हुए हैं वह 1 से 2 साल के बाद फिर से नए रूप से सामने आते हैं. इसलिए विश्व में सबसे तेज बदलने वाले क्षेत्रों में कंप्यूटर प्रौद्योगिकी पहले स्थान पर कायम है. कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के लिए सी, सी प्लस प्लस, जावा जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इस्तेमाल की जाती। है पिछले 25 सालों में जावा यह कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुई है. कंप्यूटर क्षेत्र में जितने भी बदलाव हुए, जितनी भी नई टेक्नोलॉजी आयी, उन सबके लिए जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का ही इस्तेमाल सबसे ज्यादा हुआ है. लेकिन पिछले सात-आठ सालों में देखा जाए तो जावा के साथ-साथ पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उदय हुआ है. आज कई क्षेत्रों में जावा की जगह पाइथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल अधिकतर होता है. जैसे कि डाटा साइंस। 2010 के बाद कंप्यूटर क्षेत्र में बदलाव लाने जानेवाली टेक्नोलॉजी का नाम है डाटा सायन्स।


इंटरनेट की वजह से कंप्यूटर में बहुत ज्यादा डाटा यानी जानकारी तैयार हो जाती है. इस डाटा का करना क्या है? इसके ऊपर क्या क्या ऑपरेशन कर सकते हैं? या फिर डेटा का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है? इसका उत्तर जानने के लिए डाटा साइंस टेक्नोलॉजी का उदय हुआ. डाटा साइंस 20 सालों से इस्तेमाल में है लेकिन पिछले 8 सालों में ही इसने कंप्यूटर क्षेत्र में बदलाव लाने की शुरुआत की. तकरीबन सभी क्षेत्रों में जैसे ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज, गवर्नमेंट सेक्टर या फिर सुपरमार्केट इन सभी जगहों पर डाटा साइंस का इस्तेमाल बहुत तेजी से होने लगा है, इसी वजह से इस क्षेत्र में इंजीनियर की सबसे ज्यादा मांग हो रही है. डाटा साइंस में प्रोग्रामिंग करने के लिए पाइथन आज की सबसे पहली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है. पाइथन में डाटा साइंस प्रोग्रामिंग के लिए बहुत आसानी होती है. इसलिए पाइथन डाटा साइंटिस्ट या फिर डाटा साइंस डेवलपर ने चुनी हुई पहली पसंद की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है. 2015 के बाद पाइथन डेवलपर ने जावा डेवलपर को पीछे डाल कर पहला स्थान कंप्यूटर प्रोग्रामिंग क्षेत्र में प्राप्त कर लिया। इसलिए आज पाइथन डेवलपर सबसे ज्यादा मांग में है. लेकिन कंप्यूटर इंजीनियरिंग या फिर कंप्यूटर साइंस की आज की स्थिति ऐसी है कि इतनी पाइथन डेवलपर अभी भी उपलब्ध नहीं है. इसलिए पाइथन सीखने वालों को या फिर पाइथन जानने वालों को आज इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा मांग है. और भविष्य में वह बढ़ती जाएगी। पाइथन सिर्फ डाटा साइंस के लिए ही नहीं बल्कि वेब डेवलपमेंट, इंटरनेट ऑफ थिंग्स डेवलपमेंट, नेटवर्क डेवलपमेंट, डेटाबेस एप्लीकेशन डेवलपमेंट इस क्षेत्र में भी इस्तेमाल हो रही है. और बढ़ती ही जा रही है. आज से 10 साल के बाद पाइथन सभी क्षेत्रों में पहले नंबर पर रहने वाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होगी। ऐसा कंप्यूटर विशेषज्ञों का कहना है. इसलिए आज पाइथन डेवलपमेंट सीखने वाले भविष्य में सबसे ज्यादा मांग में रहेंगे। इसके साथ-साथ डाटा साइंस, मशीन लर्निंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यह क्षेत्र भी बढ़ने वाले हैं इसलिए इन क्षेत्रों की इंजीनियर आज प्रगति के पहले स्थान पर खड़े हैं, ऐसा हम कह सकते हैं.

Saturday, September 5, 2020

कॉडिंग फॉर किड्स

आज के सूचना प्रौद्योगिकी के युग में, सभी को कंप्यूटर के बारे में जानना आवश्यक है। कई यूरोपीय देशों में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के साथ छात्रों को परिचित करने के लिए स्कूल पाठ्यक्रम में कंप्यूटर भाषा सिखाई जाती है। इसलिए, छात्र समझते हैं कि स्कूली जीवन में कोडिंग के लिए कंप्यूटर का उपयोग कैसे करें। भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति के अनुसार छठी कक्षा से स्कूल पाठ्यक्रम में कंप्यूटर कोडिंग भी शुरू की है। जिसके माध्यम से छात्र कंप्यूटर का उपयोग करना जानते हैं। इसके लिए उपयोग की जाने वाली सबसे उन्नत कंप्यूटर भाषा है स्क्रैच। हमने छात्रों को इस कंप्यूटर भाषा के माध्यम से कोड करने, अपने कंप्यूटर प्रोग्राम लिखने, एनिमेशन बनाने के साथ-साथ विभिन्न कंप्यूटर गेम बनाने के लिए कॉडिंग फॉर किड्स नामक एक ऑनलाइन कोर्स बनाया है। विभिन्न बहुराष्ट्रीय और भारतीय कंपनियां माता-पिता से बड़ी फीस लेकर चल रही हैं। हमने इसे केवल रु 999 मे ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। इससे छात्रों को कंप्यूटर कोडिंग का सही ज्ञान प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: 9960163010
वेबसाइट: https://mitu.co.in/coding-for-kids

Sunday, July 26, 2020

ऑनलाइन सर्टिफिकेशन : पायथन प्रोग्रामिंग

कोर्स कैसे चलेगा?
  • यह 10 दिन का कोर्स केवल व्हाट्सएप और गूगल अकाउंट के जरिए ऑनलाइन चलेगा।
  • आपको अध्ययन और सीखने के लिए दिन-वार अनुक्रम में पूरा ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक वीडियो की लंबाई केवल 25 ~ 40 मिनट होगी।
  • आप पूरे दिन में कभी भी वीडियो देख सकते हैं।
  • आपको व्यावहारिक सत्रों के बारे में अपने प्रश्नों को हल करने के लिए उपदेशक के साथ सौंपा जाएगा।
  • आपको वीडियो लेक्चर के अनुसार दैनिक असाइनमेंट को हल करना होगा।
  • किसी भी प्रश्न या संदेह के लिए, उपदेशक दिन की निर्दिष्ट अवधि में आपकी सहायता करेगा।
  • संरक्षक के साथ समस्या समाधान की सुविधा हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू  में प्रदान की जाएगी।
  • कोर्स पूरा होने के बाद औद्योगिक डिजिटल प्रमाणपत्र आपको दिया जाएगा।
आप को क्या सिखने को मिलेगा?
– Python Installation and Basics
– Syntax and programming Structures
– Variables, Operators, Keywords, Expressions
– Decision Making: if, elif, else
– Loops: while, for with break, continue, pass
– List, Tuple, Dictionary, Set
– Functions, Modules
– File Handling
– Exception Handling
– Object Oriented Programming

कोर्स की अवधि क्या है?
दस दिन. अगला कोर्स दिनांक १ अगस्त से शुरू होगा.

फीस क्या है?
₹ १०,०००₹ ९९९ केवल
भुगतान के लिए विकल्प:
– Google Pay: 9960163010 (Rashmi)
– PayTM : 7588594665 (Tushar)
– NEFT / IMPS: Name: MITU SKILLOLOGIES
Account Number: 060420110000162
IFSC: BKID0000604 (Bank of India)

कैसे रजिस्टर करें?
फीस का भुगतान करें और इस फॉर्म को भरें।
पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2020 है।

नोट: फॉर्म भरने और भुगतान करने के बाद व्हाट्सएप द्वारा विवरण 9960163010 पर भेजें।

ये हमारे डेमो व्याख्यान के लिए लिंक हैं।
किसी भी प्रश्न के लिए संपर्क करें: 9860668565


Saturday, July 18, 2020

आखिर मशीन लर्निंग है क्या

५० साल पुरानी बात है. कंप्यूटर आज के जितना तेज नहीं हुआ करता था. लेकिन फिर भी कई इंजीनियरों ने इसे इसके इस्तेमाल को लेकर एक नई संज्ञा का इजाद किया... आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। इसका मतलब है कंप्यूटर के द्वारा मानवी काम करना। कंप्यूटर को मानवी मगज़ प्रदान करना। यानी कंप्यूटर मनुष्य जैसा ही काम करता रहेगा। लेकिन उस वक्त कंप्यूटर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा ताकतवर बनाने के लिए जो इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए था, वह मौजूद नहीं था. लेकिन २१ वी सदी शुरू होने के बाद कंप्यूटर ने भी एक नई सदी में प्रवेश किया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मशीन लर्निंग के नाम से नया नाम जुड़ गया. आखिर यह मशीन लर्निंग क्या है? 


सबसे पहले हम मनुष्य का दिमाग कैसे काम करता है? यह देखते हैं. हम अनुभव कैसे लेते हैं? या फिर अनुभवी व्यक्ति को प्राथमिकता क्यों दी जाती है? अनुभव मनुष्य को ज्ञान प्रदान करता है. इन सभी आधारों पर मशीन लर्निंग आधारित है. हजारों सालों से मनुष्य ने जो देखा उससे सीख ली, समझ लिया और अपनी निर्णय प्रक्रिया को अधिक मजबूत बनाया। मनुष्य जो देखता है उससे अनुमान लगाता है. और उसी से निर्णय लेता है. यही है मशीन लर्निंग। कंप्यूटर को निर्णय लेने के लिए एल्गोरिदम की जरूरत होती है. लेकिन एल्गोरिदम हर एक जानकारी हासिल नहीं कर सकता। इसलिए एल्गोरिदम को मनुष्य के अनुभव तथा निरीक्षण इनपुट दिए जाते हैं. इससे कंप्यूटर सीख लेता है कि उसने क्या अनुमान लगाना है? और इस अनुमान के बल पर वह भविष्य का निर्णय लेता है. इसे कहते मशीन लर्निंग. मनुष्य जैसे सीखता है वैसे ही कंप्यूटर सीखेगा यानी मशीन लर्न करेगी. मनुष्य के जो भी निरीक्षण या अनुभव है उनमें एक तरह की समानता कायम रहती है. इसी के बल पर कंप्यूटर एल्गोरिदम तैयार करता है, उसे मशीन लर्निंग एल्गोरिथम कहते हैं.