Saturday, July 18, 2020

आखिर मशीन लर्निंग है क्या

५० साल पुरानी बात है. कंप्यूटर आज के जितना तेज नहीं हुआ करता था. लेकिन फिर भी कई इंजीनियरों ने इसे इसके इस्तेमाल को लेकर एक नई संज्ञा का इजाद किया... आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। इसका मतलब है कंप्यूटर के द्वारा मानवी काम करना। कंप्यूटर को मानवी मगज़ प्रदान करना। यानी कंप्यूटर मनुष्य जैसा ही काम करता रहेगा। लेकिन उस वक्त कंप्यूटर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा ताकतवर बनाने के लिए जो इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए था, वह मौजूद नहीं था. लेकिन २१ वी सदी शुरू होने के बाद कंप्यूटर ने भी एक नई सदी में प्रवेश किया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मशीन लर्निंग के नाम से नया नाम जुड़ गया. आखिर यह मशीन लर्निंग क्या है? 


सबसे पहले हम मनुष्य का दिमाग कैसे काम करता है? यह देखते हैं. हम अनुभव कैसे लेते हैं? या फिर अनुभवी व्यक्ति को प्राथमिकता क्यों दी जाती है? अनुभव मनुष्य को ज्ञान प्रदान करता है. इन सभी आधारों पर मशीन लर्निंग आधारित है. हजारों सालों से मनुष्य ने जो देखा उससे सीख ली, समझ लिया और अपनी निर्णय प्रक्रिया को अधिक मजबूत बनाया। मनुष्य जो देखता है उससे अनुमान लगाता है. और उसी से निर्णय लेता है. यही है मशीन लर्निंग। कंप्यूटर को निर्णय लेने के लिए एल्गोरिदम की जरूरत होती है. लेकिन एल्गोरिदम हर एक जानकारी हासिल नहीं कर सकता। इसलिए एल्गोरिदम को मनुष्य के अनुभव तथा निरीक्षण इनपुट दिए जाते हैं. इससे कंप्यूटर सीख लेता है कि उसने क्या अनुमान लगाना है? और इस अनुमान के बल पर वह भविष्य का निर्णय लेता है. इसे कहते मशीन लर्निंग. मनुष्य जैसे सीखता है वैसे ही कंप्यूटर सीखेगा यानी मशीन लर्न करेगी. मनुष्य के जो भी निरीक्षण या अनुभव है उनमें एक तरह की समानता कायम रहती है. इसी के बल पर कंप्यूटर एल्गोरिदम तैयार करता है, उसे मशीन लर्निंग एल्गोरिथम कहते हैं.

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